| | English | | Devanagari | | Telugu | | Tamil | | Kannada | | Malayalam | | Gujarati | | Odia | | Bengali | | |
| | Marathi | | Assamese | | Punjabi | | Hindi | | Samskritam | | Konkani | | Nepali | | Sinhala | | Grantha | | |
|
नव नाग स्तोत्रम् अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम् । फलशृति । सन्तानं प्राप्यते नूनं सन्तानस्य च रक्षकाः । सर्पदर्शनकाले वा पूजाकाले च यः पठेत् । ॐ नागराजाय नमः प्रार्थयामि नमस्करोमि ॥ इति नवनाग स्तोत्रम् । |